रायगढ़ /घरघोड़ा /तमनार :- रायगढ़।तमनार तहसील के ग्राम पंचायत सराईटोला के मूड़ागांव प्रभावित ग्रामीण जब अपनी समस्याओं को लेकर रायगढ़ कलेक्टर से मिलने जा रहे थे, तब उन्हें अनुविभागीय दण्डाधिकारी (एसडीएम) घरघोड़ा के निर्देश पर जगह-जगह पुलिस बल लगाकर रोका गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें रायगढ़ जाने के लिए पिकअप वाहन से निकला गया था, लेकिन कसडोल, पुजीपथरा चौक और हमीरपुर रोड जैसे स्थानों पर पुलिस ने उन्हें रोक दिया। ग्रामीणों को रास्ते में ही खड़ा कर दिया गया, जिससे वे जिला मुख्यालय नहीं पहुंच पाए।
यह भी आरोप लगाया गया कि प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा पंचायत प्रतिनिधियों, खासकर सरपंचों को रायगढ़ जाने से रोका गया और उन्हें चेतावनी दी गई कि यदि वे कलेक्टर से मिलने गए, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों ने कहा कि वे लंबे समय से जंगल कटाई, जमीन अधिग्रहण और अन्य विकास कार्यों से प्रभावित हैं, लेकिन उनकी समस्याएं सुनी नहीं जा रही हैं। जब वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात कलेक्टर तक पहुँचाना चाह रहे थे, तब प्रशासन द्वारा उन पर दबाव डाला गया और पुलिस का इस्तेमाल कर उन्हें रोका गया।
ग्रामीण संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन बताया है। उनका कहना है कि यदि लोग अपनी बात प्रशासन से नहीं कह पाएंगे, तो यह संविधान और लोकतंत्र दोनों के लिए गंभीर खतरा है।
🔴 प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर ग्रामीणों को अपनी बात रखने से क्यों रोका जा रहा है और सरपंचों को धमकी क्यों दी जा रही है।
अब यह देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या स्पष्टीकरण देता है और क्या पीड़ित ग्रामीणों की आवाज आखिरकार सुनी जाएगी या नहीं।
