22 कृषकों के साथ स्व-सहायता समूह की महिलाएं भी प्रशिक्षण में हुईं शामिल
पैरा मशरूम उत्पादन, आयस्टर मशरूम और मशरूम बीज उत्पादन की प्रायोगिक विधि पर दी गई वीडियो और चल-चित्र के माध्यम से जानकारी
रायगढ़ :- 24 जुलाई 2025/ कृषि विज्ञान केन्द्र, रायगढ़ द्वारा कृषकों एवं कृषक महिलाओं के लिए मशरूम उत्पादन पर एक विशेष प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। इस अवसर पर डॉ.बी.एस. राजपूत, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख, कृषि विज्ञान केन्द्र ने कृषकों को बताया कि धान फसल के अवशेषों का उपयोग कर मशरूम उत्पादन एवं मशरूम बीज उत्पादन से कृषक अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि मशरूम एक अत्यधिक लाभकारी व्यवसाय है, जिसमें कम लागत में अधिक मुनाफा अर्जित किया जा सकता है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में रायगढ़ जिले के विभिन्न विकास-खण्डों के 22 कृषक, कृषक महिलाएं एवं स्व-सहायता समूह की महिलाएं शामिल हुईं। प्रशिक्षण प्रभारी डॉ.मनीषा चौधरी, वैज्ञानिक (आहार एवं पोषण), ने मशरूम के पोषण मूल्य एवं औषधीय महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने पैरा मशरूम उत्पादन की तकनीक, आयस्टर मशरूम एवं मशरूम बीज उत्पादन के विषय में प्रायोगिक विधि के साथ-साथ वीडियो और चल-चित्र के माध्यम से जानकारी प्रदान की।
इस दौरान, प्रगतिशील मशरूम उत्पादक कृषक गोपाल पटेल के साथ साक्षात्कार एवं प्रक्षेत्र भ्रमण भी कराया गया। उन्होंने मशरूम उत्पादन की चुनौतियों और इसके व्यापारिक लाभों के बारे में अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ.के.के.पैकरा, डॉ.सोलंकी एवं डॉ. के. एल. पटेल ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया और प्रशिक्षण को सफल बनाने में अपना विशेष योगदान दिया।
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