रायगढ़ :- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के कोसमनारा गांव में स्थित श्री श्री 108 सत्यनारायण बाबा धाम आज न केवल राज्य, बल्कि देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुका है। पिछले 26 वर्षों से मौन तप में लीन सत्यनारायण बाबा की तपस्थली को लेकर तरह-तरह की मान्यताएं और श्रद्धा जुड़ी हुई है।
बाबा सत्यनारायण ने वर्ष 1998 में मात्र 14 वर्ष की आयु में इस स्थान को अपनी तपस्थली बनाया था। तब से आज तक वे खुले आकाश के नीचे, एक विशेष स्थान पर साधना में लीन हैं। वर्षभर धूप, बारिश और सर्दी जैसी प्राकृतिक स्थितियों के बावजूद बाबा वहीं मौन और ध्यानमग्न अवस्था में विराजमान रहते हैं।
🔥 अखंड धुनी और मौन तप का चमत्कार
धाम में जल रही अखंड धुनी को बाबा की साधना का केंद्र माना जाता है। भक्तों का कहना है कि यह धुनी उस समय से प्रज्वलित है जब बाबा ने यहां पहली बार ध्यान लगाया था। यह स्थल अब एक वृहद धार्मिक परिसर में बदल चुका है जिसमें हवन-कुंड, यज्ञ स्थल, दुर्गा मंदिर और जलाशय तक का निर्माण हो चुका है।
🙏 बाबा का जीवन – बिना बोले, बिना चले, बिना संपर्क के
स्थानीय लोग और भक्तगण कहते हैं कि बाबा ना किसी से बोलते हैं, ना ही कहीं जाते हैं, न वे कोई प्रतिक्रिया देते हैं। वर्ष में केवल कुछ विशेष मौकों पर – विशेष रूप से रात 1 बजे से सुबह 4 बजे तक – वे अपनी आंखें खोलते हैं और मौन रहकर श्रद्धालुओं को दर्शन देते हैं। उन्हीं पलों में उन्हें फल, दूध अथवा जल अर्पित किया जाता है।
🧘♂️ मुख्यमंत्री भी हुए नतमस्तक
हाल ही में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गुरु पूर्णिमा के दिन कोसमनारा पहुंचकर बाबा को श्रद्धा-सुमन अर्पित किए और राज्य के सुख-शांति की कामना की। मुख्यमंत्री ने धाम के विकास कार्यों की सराहना की और इसे “आध्यात्मिक उन्नयन का प्रतीक” बताया।
🌿 धाम में उमड़ती है श्रद्धा की भीड़
सावन के महीने में, खासकर सोमवार के दिन, यहां हजारों श्रद्धालु जलाभिषेक और दर्शन के लिए उमड़ पड़ते हैं। धाम का प्रबंधन व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्वयंसेवकों और ग्रामवासियों के सहयोग से विशेष इंतजाम करता है।
—
क्या है विशेष
स्थान: ग्राम कोसमनारा, रायगढ़ (छ.ग.),स्थापना वर्ष: 1998
विशेषता: मौन तप, अखंड धुनी, रात्रि दर्शन
मुख्य आकर्षण: सावन सोमवार, गुरु पूर्णिमा, शिवरात्रि
कैसे पहुँचें: रायगढ़ से मात्र 4 किमी की दूरी पर, सड़क मार्ग से सुगम
श्रद्धा और रहस्य के इस संगम को देखने हर आयु के लोग यहां पहुंचते हैं। कोसमनारा बाबा धाम आज भी एक जीवित चमत्कार के रूप में छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक धरती पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है।
- युवक को जबरन बोलेरो वाहन में बिठाकर, मारपीट, लूटपाट करने वाले 3 आरोपी चंद घंटों में गिरफ्तार, बोलेरो वाहन व लूटा मोबाइल जप्त - February 6, 2026
- बिलासपुर पुलिस रेंज में पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग की परिकल्पना से अनुभव क्यू आर कोड किया गया प्रारम्भ - February 6, 2026
- गाली-गलौज की रंजिश में घर में घुसकर हत्या — मुख्य आरोपी व विधि से संघर्षरत बालक 24 घंटे में गिरफ्तार - February 4, 2026
